Tuesday, January 8, 2013

POEM-GOOD PEOPLE IN HINDI



कविता - अच्छे लोग !

अच्छे लोग,अच्छे होने के 
ता-उम्र भ्रम में न रहें .
वे लम्हा-लम्हा ,
चैतन्य -सहज रहें .
कलुषता के कीचड़ में 
नहीं सनें 
पुष्पित जलज बनें .
ख़राब को ख़राब और 
अच्छों को अच्छा कहें .
अच्छे लोग .......
समाज की गति
है बदल रही ,
एक देश /एक परिवार में
एक सा खाने वालों की मति
है बदल रही .
गिरगिटी /गिरहकटी के नए दौर में
भितरघाती हवाओं में न बहें
अच्छे लोग .........
एक और बात
जो है जरूरी -
गेरों के साथ अच्छे से अच्छा करें
लेकिन समाज- कंटकों की -
हर बात
स्वाभिमान की शर्त पर
न मानें ,न सहें
अच्छे लोग,अच्छे होने के
ता-उम्र भ्रम में न रहें .
-डॉ अजय गुप्त

7 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सार्थक चेतावनी देती रचना

Anita (अनिता) said...

बिल्कुल सही बात कही आपने !
सार्थक रचना!
~सादर!!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल बृहस्पतिवार 10 -01 -2013 को यहाँ भी है

....
सड़कों पर आन्दोलन सही पर देहरी के भीतर भी झांकें.... आज की हलचल में.... संगीता स्वरूप. .

रेखा श्रीवास्तव said...

एक सार्थक सन्देश को संजोयें अच्छी रचना के लिए आभार !

Amrita Tanmay said...

बहुत सुन्दर सन्देश..

यशवन्त माथुर said...

सार्थक संदेश देती कविता


सादर

Anju (Anu) Chaudhary said...

बहुत खूब जी ...एक चेतावनी ऐसी भी :)