Saturday, July 3, 2010

इससे पहले की बहुत देर हो जाये :अभिव्यक्ति


लश्कर के हमले
अमरनाथ यात्रिओं पे लाठीचार्ज !
जिन्हें मुसलमान भी मानते हैं बाबा - बर्फानी
नहीं कर सकते आदि-अनादि देव पर हमला
क्योंकि वह प्रथम पुरुष थे -
तब नहीं था फिक्रापरस्त लोगों का अमला-जुमला
सो चमक रही है सत्ता-परस्त लोगों की तरफ सीधी टोर्च !!
अमरनाथ यात्रिओं पे लाठीचार्ज !

नक्सली हमले
पुलिस मैं खौफ ,
पर जंगले मैं पल रहा हर बच्चा बे-खौफ !

जरा मतलब निकालो ,
कम से कम सामर्थ्यवानों
मेरे देश को अब तो बचालो !

बहकने का हक सभी को है
यतीम को भी और मद मैं चूर अधिकारिओं को
गोवा - मंत्री को और राठोरों को भी
पर दोनों के प्रति है इतना क्यों भेदभाव ,
अकेले जी डी पी से नहीं चलेगी इस महान सांस्कृतिक
देश की नाव !

2 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सटीक रचना....

मंगलवार 06 जुलाई को आपकी रचना..जीना तो पड़ेगा ही ... चर्चा मंच के साप्ताहिक काव्य मंच पर ली गयी है आभार

http://charchamanch.blogspot.com/

Maria Mcclain said...

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