Monday, July 26, 2010

दुल्हन की डोली-सपने:ग़ज़ल

कुछ बातें तो सितारों में भी रही ही होंगी ,

वो बे-वजह ही नहीं सारी रात चमकते हैं !

कुछ बात तो नजारों भी रही रही ही होगी ,

जो कनखियों से प्रियतम को देखते हैं !

कुछ बातें तो कतारों में भी रही ही होंगी ,

जो हम उनके पीछे धीरे से चलते रहते हैं !

कुछ बात तो कहारों में भी होगी ही अजय ,

दुल्हन की डोली-सपने उनके कन्धों रहते हैं

2 comments:

ktheLeo said...

वाह! गज़ब!

परमजीत सिँह बाली said...

सुन्दर भाव हैं बधाई।