Wednesday, March 24, 2010

राम नवमी -एक गीत

राम नवमी -एक गीत

सोचा एक गीत लिखूं -
राम नवमी के नाम
और भूल से सही ,कर सकूं
राम से कुछ काम !~

कुछ अधूरे भी रहे होंगे
राम तेरे कुछ काम
जैसे रावन का खात्मा हर
युग मैं करने का संकल्प
शोषित कुचलों वनवासियों को
गले लगाने का अनवरत प्रकल्प
जन जन में हो राम का नाम
कर सकूं राम से कुछ काम .....

मर्यादा के कुछ तो पन्ने
अपने जीवन में उतारूं
कम से कम आश्रित को तो
मौत के घाट न उतारूं
बच्चों को पिलाने वाले दूध में
जहर न मिलाऊँ
अर्थी के तो न लूं दाम
कर सकूं राम के कुछ काम .........

राम नाम जपने का मन्त्र
जिसने परोपकार के लिए दिया
कुछ तो व वापस कर जाऊं
उरिण हो कर कुछ तो मानव कहलाऊँ
शांत भाव से जिससे कटे
जीवन की ये शाम
कर सकूं राम के कुछ काम ......





4 comments:

कृष्ण मुरारी प्रसाद said...

गीत में तो काफी दम है जी....
इन पहेलियों में दम है क्या ?..
.........................
विलुप्त होती... .....नानी-दादी की पहेलियाँ.........परिणाम..... ( लड्डू बोलता है....इंजीनियर के दिल से....)
http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_24.html

Jandunia said...

सुंदर गीत है। रामनवमी की ढेर सारी शुभकामनाएं।

Udan Tashtari said...

बढ़िया!


रामनवमीं की मंगलकामनाएँ.

देवेश प्रताप said...

बहुत बढ़िया गीत ........