Sunday, March 28, 2010

ब्लौगर की कहानी -एक कविता

ब्लौगर की कहानी -एक कविता

ब्लौगर की कहानी का सच
मैंने अब अब कुछ कुछ
पहचाना है!

जिन्हें जानता भी नहीं
सीने से उन्हें लगाता है ,
पीड़ा पर उनकी आंसू बहुत बहाता है
लिखना तो एक बहाना है ,
मैंने अब कुछ कुछ पहचाना है ........

कभी तो वो भी होगा -
लोगों की तरह सामने आने वाला
कवि मन उसका भी
चाहत मैं होगा तडपा
इज़हार किया होगा उसने भी
मन माफिक पाने का
किन्तु , अंतर्मन उसका बेगाना है
लिखना तो एक बहाना है ...............

तो ,एसे सच्चे लोगों को
अपने जैसों का ही बचा एक सहारा है ,
सारे ऐसे ही अच्छे भावों को
हम सबको ही मिलाना है
लिखना तो एक बहाना है ...............
क्रमशः ........
कहाँ शुरू करू और कहाँ करू अंत
ब्लॉगर मैं भी संभावनाएं अनंत
आइये मिलन की ये परिपाटी बनायें
नेपथ्य मैं रहना तो खुद से खुद को झुटलाना है
लिखना तो एक बहाना है ..........




3 comments:

महेन्द्र मिश्र said...

तो ,एसे सच्चे लोगों को
अपने जैसों का ही बचा एक सहारा है ,
सारे ऐसे ही अच्छे भावों को
हम सबको ही अब मिलाना है
लिखना तो एक बहाना है
बहुत सुन्दर रोचक रचना ब्लॉगर की ....

कृष्ण मुरारी प्रसाद said...

कभी तो वो भी होगा -
लोगों की तरह सामने आने वाला
कवि मन उसका भी
चाहत मैं होगा तडपा
इज़हार किया होगा उसने भी
मन माफिक पाने का
किन्तु , अंतर्मन उसका बेगाना है
लिखना तो एक बहाना है ...............
......अच्छी प्रस्तुति......
http://laddoospeaks.blogspot.com/

ktheLeo said...

???????